अजनबीयों से रिश्ते बन गये
दोस्ती के हमारे भी किस-से बन गये!!
दोस्त तो बहुत मिले पर तुमसे नहीं मिले
जो मिलते हैं हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए!!
साथ हमारा भी एक कहानी से था,
मिले हम और बिछड़ना मानो जिंदगी का एक खेल था ..
नादान थे जब हम दोस्त बने,
तभी तो हमारी दोस्ती में मत की बातें नहीं होती हैं।!
यह संबंध और दोस्ती में किया गया वादा अब टूट गया है
चाहे तुम कितने भी दोस्त बनाओ लो पर तुम को हम जैसा नहीं मिलेगा😍😍🤘
लेखक सौरभ राठौर
Inspiration, motivational speaker

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