पहली दफा उसको देखा देखते ही रह गया
मानो अहसास हुआ की
यही वो प्यार है जिसे अपना बनाना है
चाहे दिन हो या रात हो
उसी के ख्याल मे रहता
सच कहु तो प्यार था हमे उससे
मगर वो क्या खाक समझी थी
बस इतना जरूर समझी की
यह मुझसे बेइंतहा मोहब्बत करता है
जो कहता नही सिर्फ देखते ही रह गया
उसकी मोहब्बत को भुला देना
ना मंजूर था हमे क्यो की किया था
सच्चा प्यार जो मेने
वह पगली समझ जाती तो
काश ऐ जिंदगी मोहब्बत की
दासता चारो तरफ गूंज उठती 😍✍✍✍✍✍
शायर

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